Home झारखंड हजारीबाग में पेट दर्द से कराह रहे प्रवासी मजूदर ने तोड़ा दम, कोरोना के डर से नहीं मिला इलाज

हजारीबाग में पेट दर्द से कराह रहे प्रवासी मजूदर ने तोड़ा दम, कोरोना के डर से नहीं मिला इलाज

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हजारीबाग. इचाक के रहने वाले 22 वर्षीय मजदूर बैजनाथ राम ने इलाज के अभाव में दम तोड़ दिया. घटना 18 मई की रात की है. लॉकडाउन (Lockdown) के बीच यह युवक हाल में ही बीमार हालत में गुरुग्राम से हजारीबाग (Hazaribagh) लौटा था. वह घर जाने के बजाय इचाक मोड़ स्थित शिव मंदिर में ठहर गया था. 18 मई की रात बैजनाथ को पेट दर्द शुरू हुआ, लेकिन कोरोना की आशंका के कारण किसी ने उसे छूआ तक नहीं. दर्द के कारण तड़प-तड़प कर उसकी मौत हो गई.जिले के डीसी भुवनेश प्रसाद सिंह ने इस मामले की शिकायत स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव से की. इसके बाद लापरवाही बरतने के आरोप में जिले के सिविल सर्जन कृष्ण कुमार का तबादला कर दिया गया. हजारीबाग मेडिकल कॉलेज के अधीक्षक डॉ केके लाल को भी दुमका मेडिकल कॉलेज में ट्रांसफर कर दिया गया.जानकारी के मुताबिक पेट दर्द शुरू होने के बाद पीसीआर वैन से बैजनाथ को इचाक स्वास्थ्य केन्द्र पहुंचाया गया, जहां से उसे हजारीबाग सदर अस्पताल भेज दिया गया. लेकिन वहां उसका इलाज नहीं हुआ. कोरोना के शक में किसी ने उसे छूआ तक नहीं. 18 मई को उसे संत कोलंबा कॉलेज स्टेडियम में स्वाब सैंपल लेने के लिए ले जाया गया. वहीं देर रात उसकी मौत हो गई. बैजनाथ का शव अभी भी एचएमसीएच पोस्टमार्टम हाउस में रखा हुआ है.डीसी भुवनेश प्रसाद सिंह ने कहा कि इस मामले में सदर एसडीओ मेघा भारद्वाज को जांच कर रिपोर्ट देने को कहा गया है. इस घटना को लेकर वरीय पदाधिकारियों को भी सूचित किया गया है.

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