Home बिहार पटना अब केवल 29 विषयों की होगी परीक्षा, कॉलेजों में नामांकन से वंचित हो सकते छात्र

अब केवल 29 विषयों की होगी परीक्षा, कॉलेजों में नामांकन से वंचित हो सकते छात्र

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पटना । सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंड्री एजुकेशन (सीबीएसई) ने अब 12वीं के 83 में से केवल 29 प्रमुख विषयों की ही परीक्षा लेने का निर्णय लिया है। देशभर के 12वीं के परीक्षार्थी परीक्षा के इंतजार में बैठे हैं। उम्मीद है कि एक-दो दिन में सीबीएसई की परीक्षाओं की तिथि घोषित होगी। छात्रों को भय है कि अगर परीक्षा में देर हुई तो रिजल्ट में देर होगी।

इससे सीबीएसई के छात्र कॉलेजों में नामांकन से वंचित हो सकते हैं, क्योंकि देश के अधिकांश राज्यों में बोर्ड की परीक्षाएं समाप्त हो गई हैं। बिहार बोर्ड एवं उत्तर प्रदेश बोर्ड ने पांच मई से ही कॉपियों की जांच शुरू कर दी है। हालांकि सीबीएसई पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि अब दसवीं की परीक्षाएं नहीं आयोजित होंगी। 12वीं के उन्हीं विषयों की परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी, जिनका स्नातक में नामांकन लेने के लिए जरूरी है।

बिजनेस स्टडी से लेकर बायोटेक्नोलॉजी तक बाकी

सीबीएसई द्वारा तैयार की गई सूची के अनुसार बिजनेस स्टडी, बायोटेक्नोलॉजी, कंप्यूटर साइंस, जियोग्राफी, आइटी, होम साइंस, सोशियोलॉजी, हिन्दी इलेक्टिव, हिन्दी कोर प्रमुख विषय हैं। राजधानी के एक बड़े स्कूल के छात्र एवं बारहवीं के परीक्षार्थी अनुज कुमार का कहना है कि लॉकडाउन के कारण वे घर में कैद हैं। बैठे-बैठे तनाव बढ़ते जा रहा है। ऐसे में बस एक ही चिंता है कि जल्द से जल्द परीक्षा हो जाए। परीक्षा होने के बाद तनाव बहुत कम हो सकता है।

जले में मैट्रिक की एक लाख कॉपियों की जांच बाकी

पटना जिले में अभी लगभग एक लाख मैट्रिक की कॉपियों की जांच बाकी है। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के निर्देश पर अभी जिले के 12 मूल्यांकन केंद्रों पर कॉपियों की जांच चल रही है। इनमें से कई केंद्रों पर जांच पूरी हो गई है। शास्त्रीनगर ब्वॉयज हाईस्कूल के प्राचार्य श्रीकांत शर्मा के अनुसार उनके यहां कॉपियों की जांच पूरी हो चुकी है। जांची गईं कॉपियों के अंकों को वेबसाइट पर अपलोड किया जा रहा है। इसके लिए पांच ऑपरेटरों को लगाया गया है। वहीं रामलखन सिंह यादव हाईस्कूल की प्राचार्य नीरा कुमारी ने बताया कि उनके केंद्र पर केवल संस्कृत की 15 हजार कॉपियों की जांच बाकी है। 17 शिक्षक कॉपियों की जांच में जुटे हैं। वहीं केवी सहाय स्कूल के प्राचार्य डॉ. अनिल कुमार मिश्र ने बताया कि स्कूल में मैट्रिक की कॉपियों की जांच तेजी से की जा रही है। 

60 फीसद शिक्षकों ने दिया योगदान

परीक्षा समिति के निर्देश पर बुधवार से शिक्षकों ने योगदान देना शुरू किया था। गुरुवार को दूसरे दिन मिलाकर अब तक कुल 60 फीसद शिक्षकों ने कॉपी जांच में योगदान दिया है। जिले में कॉपियों की जांच के लिए 2482 शिक्षकों को लगाया गया था। उनमें 1379 शिक्षकों ने योगदान दिया। जिले में कुल 07 लाख 14 हजार कॉपियों की जांच होनी थी। उनमें लगभग छह लाख की जांच हो गई है। गुरुवार को लगभग 13 हजार कॉपियों की जांच की गई। 

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