Home ताजा खबर भारत में अन्य देशों के मुकाबले कोरोना के ज्यादा मरीज हो रहे ठीक, संक्रमण में आई कमी : स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय

भारत में अन्य देशों के मुकाबले कोरोना के ज्यादा मरीज हो रहे ठीक, संक्रमण में आई कमी : स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय

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देश में कोरोना वायरस से निपटने और लॉकडाउन की स्थिति को लेकर शुक्रवार को स्‍वास्‍थ्‍य और गृह मंत्रालय की संयुक्‍त प्रेस कांफ्रेंस में हुई। इस मौके पर स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय के संयुक्‍त सचिव लव अग्रवाल ने कहा कि एक अप्रैल से अब तक कोरोना के संक्रमण के बढ़ने की दर में 40 फीसद कमी आई है। अन्‍य देशों के मुकाबले हमारे यहां कोरोना के 80 फीसद मरीज ठीक हो रहे हैं। दूसरे देशों के मुकाबले कोरोना संक्रमण रोकने में भारत की स्थिति बेहतर है।

उन्‍होंने कहा कि लॉकडाउन से पहले कोरोना वायरस के मामलों की दोगुना होने के रेट लगभग 3 दिन लग रहे थे, पिछले 7 दिनों के आंकड़ों के अनुसार मामलों को दोगुना होने की दर में  अब 6.2 दिनों की है। 19 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में तो दोगुना होने की दर देश की दोगुना होने की दर से भी कम है। जिन 19 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में दोगुना होने की दर देश की दोगुना होने की दर से कम है, उसमें- केरल, उत्तराखंड, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, चंडीगढ़, लद्दाख, पुड्डुचेरी, दिल्ली, बिहार, ओडिशा, तेलंगाना, तमि‍लनाडु, आंध्र प्रदेश, यूपी, कर्नाटक, जम्मू-कश्मीर, पंजाब, असम और त्रिपुरा शामिल हैं। 

उन्‍होंने कहा कि रैपिट टेस्‍ट के लिए पांच लाख किट राज्‍यों को बांटी जा रही है। मई तक दस लाख रैपिड टेस्‍ट होंगे। अन्‍य देशों के मुकाबले हमारे यहां कोरोना के 80 फीसद मरीज ठीक हो रहे हैं। देश में अब तक 1919 अस्‍पताल बनाए जा चुके हैं। 1.73 लाख आइसोलेशन बेड तैयार किए जा रहे हैं।उन्‍होंने कहा कि  हमें हर मोर्चे पर कोरोना से लड़ना है, कोशिश की जा रही है कि इसकी वैक्सीन जल्द तैयार हो। उन्‍होंने कहा कि अब तक 1749 लोग ठीक हो चुके हैं। देश में मामलों की कुल संख्या 13,387 है। पिछले एक दिन में 1007 नए मामले सामने आए हैं, पिछले 24 घंटे में 23 नई मौतें भी हुई हैं। 

आइसीएमआर के रतन गंगाखेडकर ने कहा कि अब तक कोरोना वायरस के 3,19,400 टेस्‍ट किए गए हैं। गुरुवार को 28,340 टेस्‍ट किए गए। उन्‍होंने कहा कि यह वायरस भारत में 3 महीने के लिए है, उत्परिवर्तन (म्‍यूटेशन) बहुत जल्दी नहीं होता है। अब जो भी वैक्सीन निकलेगी, वह भविष्य में भी काम करेगी (यदि वायरस म्यूट करता है)। कोरोना वायरस से लड़ने के लिए बीसीजी वैक्सीन के उपयोग के सवाल पर उन्‍होंने कहा कि आईसीएमआर अगले सप्ताह एक अध्ययन शुरू करेगा। जब तक हमारे पास इसके निश्चित रिजल्‍ट नहीं होंगे, तब तक हमने स्वास्थ्य कर्मचारियों के लिए भी इसकी सिफारिश नहीं की।

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